02/10/2018
आइये एक मुहिम चलायें : लखनऊ के स्व. विवेक तिवारी हत्याकांड पर रोटी सेंकने के लिये सभी दलों ने बेशर्मी की हदें पर कर दीं । किन्तु एक पहलू अनछुआ रह गया। क्या उस मल्टीनेशनल कम्पनी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती जो कर्मचारियों से आधी रात तक काम करवाती हैं। अभी तक ऐप्पल कम्पनी की और से कोई बयान नहीं आया कि वो स्व. विवेक तिवारी के परिवार को क्या सहायता/ क्षतिपुर्ति दे रहे हैं। अपने नये मोबाईल की लॉन्चिंग के लिए कम्पनी ने उन्हें इतनी रात तक ऑफिस में रोका था इसलिए उनकी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है। राजनीति से हटकर जरा सोचिए देर रात मे जब भी देश के किसी राज्य मे ऐसी घटनाएं घटती है हमेशा वहां की सरकार से क्षतिपुर्ति की मांग की जाती है। आइये एक मुहिम चलायें कि ऐसे मामलों में कम्पनी को भी कंपनसेशन देना होगा ताकि बच्चों को देर रात तक ऑफिस में रोकने से पहले बेलगाम कंपनियां कम से कम एक बार तो सोचेंगी। मैं मांग करता हूं कि मल्टीनेशनल कम्पनी ऐप्पल भी श्री तिवारी के परिवार को सम्मानजनक मुआवजा दे। कृपया इस पोस्ट को इतना शेयर करें कि उसकी गूंज अमेरिका में बैठे इस कंपनी के आला अफसरों के कानी तक पहुंच जाये।.....