Gst & IncomeTax Problems

Gst & IncomeTax Problems Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Gst & IncomeTax Problems, Pirhi-babubarhi, Madhubani.

31/01/2020

Considering the difficulties being faced by taxpayers in filing GSTR-9 and GSTR-9C for FY 2017-18 it has been decided to extend the due dates in a staggered manner for different groups of States to 3rd, 5th and 7th February 2020 as under. Notifications will follow.

Group 1: Maharashtra, Karnataka, Goa, Kerala, Tamil Nadu, Puducherry, Telangana, Andhra Pradesh, Other Territory - 3rd February 2020

Group 2: Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh, Punjab, Chandigarh, Uttarakhand, Haryana, Delhi, Rajasthan, Gujarat- 5th February 2020

Group 3: Bihar, Sikkim, Arunachal Pradesh, Nagaland, Manipur, Mizoram, Tripura, Meghalaya, Assam, West Bengal, Andaman & Nicobar Islands, Jharkhand, Odisha, Chhattisgarh, Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu, Lakshadweep, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh- 7th February 2020

20/08/2019

#आईटीआर भरने के बाद भी #नोटिस भेज सकता है ैक्स_विभाग, ये हैं #24 कारण

1.अगर आपकी आयकर रिटर्न में दिखाई गई सकल वार्षिक बिक्री उसके द्वारा जीएसटी विभाग में ऑनलाइन फाइल की गई जीएसटी रिटर्न में दिखाई गई वार्षिक विक्रय की राशि से अलग है और यदि यह अंतर ज्यादा है तो आप को आयकर विभाग से नोटिस आ सकता है।

2. Income tax विभाग की website से डाउनलोड किए गए फॉर्म 26AS में मिले हुए टीडीएस को अपनी रिटर्न में क्लेम किए हुए टीडीएस से मिला लें। अगर इसमें कोई फर्क आता है तो आपको निश्चित रूप से नोटिस आ सकता है।

3. अगर फॉर्म 26 AS में कोई इनकम दिख रही है और यह आपके आयकर रिटर्न में दिखाई गई इनकम से मैच नहीं कर रही है या आपकी रिटर्न में दिखाई गई इनकम का योग 26 AS में दर्शाई गई सकल आय से कम है या आपने 26AS में दर्शाई हुई आय को बिल्कुल छोड़ दिया है और अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं लिया है तो आपको विभाग से नोटिस आ सकता है।

4.अगर आपने अपनी रिटर्न में वेतन की जो आय दिखाई है और वह आय आपके नियोक्ता द्वारा जमा की गई टीडीएस रिटर्न (फॉर्म 16) से कम है तो आयकर विभाग इसका कारण पूछने के लिए आप को नोटिस भेज देगा।

5. जो टीडीएस आपने अपनी आयकर रिटर्न में क्लेम किया है अगर 26 AS में वह टीडीएस नहीं दर्शाया गया है या आपके नियोक्ता या क्लाइंट ने अगर अपनी टीडीएस रिटर्न को रिवाइज करके आप का क्रेडिट हटा दिया है या उसमें कोई बदलाव किया गया है तो ऐसे में आपको नोटिस अवश्य आएगा।

6. अगर आपने कोई प्रॉपर्टी खरीदी है और 50 लाख से अधिक होने के मामले में अगर आपने 1% टीडीएस नहीं काटा है तो आप को नोटिस आ सकता है।

7. इसी प्रकार अगर आप वेतनभोगी व्यक्ति हैं और आप 50,000 प्रति माह से अधिक किराया देते है और करदाता ने मकान किराया भत्ता में छूट हासिल की है तो यह जांच लीजिए कि करदाता ने अपने मकान मालिक को किराए का भुगतान करते समय टीडीएस काटा या नहीं। इनकम टैक्स विभाग आपसे नोटिस भेजकर पूछ सकता है कि क्यों ना आपकी किराया मद में मिली छूट को रद्द कर दिया जाए।

8. अगर आपने गत वर्ष में कोई बड़े व्यापारिक लेन देन किए हैं तो आप अपनी इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय उन सभी लेन देन के प्रभावों को जरूर दिखाएं क्योंकि यह जानकारी आयकर विभाग के पास वार्षिक रिपोर्ट के द्वारा बैंक, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी, नियोक्ता, कार कंपनियों, ज्वैलर्स व विभिन्न देशों से सूचनाओं के आदान प्रदान के सहारे आदि से पहले ही आ चुकी है और आंकड़ों के सही मिलान नहीं होने पर इनकम टैक्स करदाता को नोटिस भेज सकता है। बड़े लेन-देन वाले मामले में विभाग आपसे धन की प्राप्ति या भुगतान के मामले में उसका स्रोत भी नोटिस के द्वारा पूछ सकता है ।

9.अगर आपने अपने व्यापार या व्यवसाय की प्रकृति (Nature of Business) को सही से नहीं दिखाया है तो ऐसे में भी आपको नोटिस आ सकता है। यदि आपको धारा 143(2) के तहत नोटिस मिला है तो समझें कि आप का केस चयन के तहत स्क्रुटनी में आ गया है.

10. गत वर्ष से पहले के 6 वर्षों में से किसी वर्ष के लिए यदि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कोई अघोषित आय पकड़ी है या ऐसे ही अगर आप ने गत वर्ष के पूर्व की किसी वर्ष में इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरी है और उस वर्ष आपकी कर योग्य आय थी तो भी विभाग धारा 148 के तहत आप को नोटिस भेज सकता है।

11. अगर आपने गत वर्ष में कोई पूंजीगत लाभ अर्जित किया है और गलत कैटेगरी होने की वजह से अगर आपने कम टैक्स का भुगतान किया है तो आप को नोटिस आ सकता है।

12. अगर आपने धारा-80 के तहत कोई झूठे कागजों के आधार पर या बिना किसी आधार कर कोई छूट इनकम टैक्स रिटर्न में क्लेम कर ली है तो ऐसे में आपको नोटिस आ सकता है।

13.अगर आपने कोई प्रॉपर्टी या कीमती वस्तु बेची है और उसका कैपिटल गेन नहीं दिखाया है तो आप को नोटिस आ सकता है।

14.यदि आपने विभिन्न छोटी-बड़ी आय जैसे बैंक अकाउंट पर ब्याज, एफडी पर ब्याज, नकद, प्राप्त वेतन या किराया या कोई अन्य ज्वेलरी या संपत्ति का विक्रय आपस में लेनदेन से कमाया गया कोई लाभ, रिश्तेदारों या मित्रों को दी गई उधारी पर ब्याज या ऐसे ही अन्य कोई इनकम प्राप्त की है तो ध्यान रखें यह सब इनकम टैक्स विभाग की नजरों में है और आपको उस पर इनकम टैक्स देना होगा और इन मदों को अपनी इनकम टैक्स रिटर्न में शामिल करना चाहिए अन्यथा आप को नोटिस आ सकता है।

15. अगर आपने लॉटरी आदि पर कोई पैसा कमाया है तो उस पर कर की गणना सामान्य रूप से न करते हुए विनिर्दिष्ट तरीके से करनी होगी और यदि आपने ऐसा नहीं किया है विभाग आपको नोटिस भेज सकता है।

16. यदि आपने अपने कोई एफडी शेयर म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट या प्रॉपर्टी अपने नाबालिग पुत्र पत्नी या पुत्रवधू को बिना उचित प्रतिफल के ट्रांसफर कर दी है तो ऐसे स्रोतों पर होने वाली आय आपकी इनकम टैक्स रिटर्न में दर्शाई जानी चाहिए। ऐसा न होने पर विभाग आप को नोटिस भेज सकता है। अगर आप विवाहित महिला या नाबालिग और आपने अपनी इनकम उस स्रोत से कमाई है आपके पति, ससुर या पिता से प्राप्त हुआ है तो आपके आयकर की धारा 64 का पालन करना होगा और इन आयों को संबंधित व्यक्ति की आय में भी जोड़ कर दिखाया जाना अन्यथा उस संबंध व्यक्ति को और आपको दोनों को ही नोटिस आ सकता है।

17. अगर आपने अपनी इनकम टैक्स फॉर्म में आय गलत स्रोत में दिखाई है तब भी आपको नोटिस आ सकता है। जैसे पेशेगत आय को आप कमीशन या ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) की आय दिखाएंगे तो आयकर विभाग का सॉफ्टवेयर यह चालाकी पकड़ लेगा और आपको नोटिस आ सकता है। इसी तरह कमीशन की इनकम को अगर आप प्रोफेशनल में दिखाएंगे तब भी नोटिस आ सकता है। यदि यह इनकम के एक स्रोत के अंदर ही अलग-अलग कैटेगरी की आय हैं। इसी तरह डाटा प्रोसेसिंग की इनकम को अब ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) इनकम में दिखाने पर नोटिस आएगा।

18. अगर आप का रिफंड बनता है और आपके द्वारा दिया गया बैंक अकाउंट नंबर गलत है या आईएफएससी कोड आपने ठीक नहीं डाला है तो ऐसे में आपको नोटिस आ सकता है।

19. अगर आप कोई पेशेगत कार्य करते हैं और आप की अपनी सकल प्राप्तियां या रेवेन्यू 50 लाख से अधिक होने के बावजूद करदाता ने धारा 44 के अंतर्गत रिटर्न भरी है जिसमें अनुमानित आय भरी जाती है तो आपको नोटिस आ सकता है क्योंकि 50 लाख से ऊपर के प्रोफेशनल प्राप्तिओं वाली करदाता धारा 44 के तहत रिटर्न नहीं भर सकते। ठीक इसी तरह, यदि करदाता व्यापार करता है और उसकी सकल बिक्री 2 करोड़ से अधिक है और इस सबके बावजूद भी आप टैक्स ऑडिट न करवाकर धारा 44 में रिटर्न भर देते हैं तो आपको नोटिस आ सकता है।

20. अगर आप रिटर्न फॉर्म की विभिन्न सूचनाएं देने में कोई गलती करते हैं तो आपकी रिटर्न डिफेक्टिव हो जाती है तो आपको सेक्शन 139(9) तहत नोटिस आता है जिसका 15 दिनों के अंदर जवाब देना अनिवार्य है अन्यथा आपकी रिटर्न रद्द भी की जा सकती है

21. अगर आपकी कर योग्य आय है और आपने रिटर्न फाइल नहीं की है या फाइल करने में देरी कर दी है तो आपको विभाग से नोटिस आ सकता है। जब तक आप रिटर्न फाइल नहीं कर देते तब तक आपको इनकम टैक्स विभाग से नोटिस या मेल आ सकते हैं।

22. अगर कोई व्यापारी ITR-4 में presumptive इनकम सकल बिक्री न दिखा कर केवल अंतिम आय पर टैक्स देकर रिटर्न फाइल करना चाहता है तो ऐसे मामलों में इनकम टैक्स विभाग आप की पड़ताल कर सकता है और आप को नोटिस भेज सकता है।

23.आयकर कानून आय के पांचवें और अंतिम स्रोत अर्थात "अन्य स्रोतों से आय" के मामले में आयकर रिटर्न फॉर्म में एक नया परिवर्तन कर दिया गया है जिसके तहत आपको इस स्रोत के अन्तर्गत इस श्रेणी के अंदर वर्गीकृत करते हुए उप श्रेणी भी बतानी होगी। अगर आप बिना सही उप श्रेणी चुने अपनी अन्य आय को सामान्य आय दिखा देंगे तो आयकर विभाग आपसे इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए आप को नोटिस भेज सकता है।

24. अगर आपका पिछले सालों का टैक्स बकाया है और इस वर्ष में रिफंड क्लेम किया है तो इनकम टैक्स विभाग आपके रिफंड से पिछले वर्षों के टैक्स को एडजस्ट करते हुए आपको एक सूचना का नोटिस भेज सकता है।

20/07/2019

Aadhar card link compulsory in a.y 2019-20 year return

20/07/2019

अपने बच्चे को जब भी चाकलेट, आईसक्रीम, केक खाते देखें तो लपक कर उसका एक तिहाई अनिवार्य रूप से छीन कर खुद खा जाएं, उसके रोने की चिंता ना करें।
इससे उसको बड़े होकर, इनकम टैक्स देने में तकलीफ नही होगी...


आयकर विभाग.. 😂😂😂🤣🤣🤣

20/07/2019

इस समय CAs की सबसे बड़ी दुविधा (50% Returns are pending due to Mismatch of Pan & Adhar) :-
किसी Tax payer को यह समझाना कि उसका पेन आधार से मैच नहीं होने के कारण Link नहीं हो रहा है यह किसी Rocket Science से भी मुश्किल है.

16/07/2019
01/07/2019

GST may become two-tier tax with merger of 12%, 18% slabs: Arun Jaitley

Jaitley said that most items of consumer use have been brought in the 18 per cent, 12 per cent and even 5 per cent category.

29/06/2019

आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) ने आयकर रिटर्न (इनकम टैक्स रिटर्न) के नियमों में बदलाव किया है. विभाग ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आईटीआर (ITR) फॉर्म जारी कर दिया है. नए नियमों के मुताबिक अब मकान मालिक को टीडीएस (Tax Deduct at Source, TDS) का फायदा लेने के लिए अपने किरायेदार के पैन कार्ड की जानकारी भी देनी होगी. वहीं आयकरदाता को भारत में निवास करने की अवधि और गैर सूचीबद्ध शेयरों की सूचना भी आईटीआर फॉर्म में भरनी होगी. साथ ही यदि आयकरदाता को चंदा राशि पर इनकम टैक्स में छूट चाहिए तो जिस व्यक्ति को चंदा दिया है उसका नाम, पता और पैन नंबर भी देना होगा.

इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म के लिए ये हैं नए नियम-

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के मुताबिक जो करदाता आईटीआर-2 फाइल करते हैं और उनकी रेजिडेंशियल प्रोपर्टी से इनकम होती है तो किरायेदार का पूरा ब्योरा, उसका पैन या टैन के बारे में जानकारी देनी होगी.
चंदे में कर छूट (Tax Rebate) दके लिए चंदा पाने वाले व्यक्ति का पैन समेत पूरी जानकारी भरनी होगी.
जो करदाता आईटीआर-2 भरते हैं और उनकी कृषि से इनकम होती है तो उन्हें अपने भूखंड का पूरा ब्योरा देना होगा. जिसमें जमीन का माप, पूरा पता और यह भी बताना होगा कि उनकी जमीन पट्टे पर है या नहीं.
कंपनी के निदेशक और गैर-सूचीबद्ध (Non Listed) कंपनियों के निवेशकों के लिए विभाग ने सहज और सुगम फॉर्म (ITR 1 & 4) में रिटर्न भरने से रोक लगा दी है.
अब सहज फॉर्म यानी आईटीआर-1 से वही व्यक्ति रिटर्न भर सकता है जिसकी सैलरी, संपत्ति और ब्याज से सालाना आय 50 लाख रुपये तक हो. साथ ही कृषि आय 5,000 रुपये तक ही हो.
वहीं सुगम फॉर्म यानी आईटीआर-4 से केवल वे ही फर्म (व्यक्ति, एचयूएफ और एलएलपी को छोड़कर) रिटर्न फाइल कर सकते हैं जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है.
आयकरदाताओं को विदेशी इक्विटी, विदेशी खातों और बॉन्ड का ब्योरा भी देना होगा.
आईटीआर-6 फाइल करने वाली गैर-सूचीबद्ध कंपनियों को फॉर्म में अपने निवेशकों, भारत में उनके निवास की स्थिति, आवंटन की तारीख, पैन नंबर, शेयरों की संख्या, प्रति शेयर निर्गम मूल्य तथा निवेश राशि के बारे में भी जानकारी देनी होगी. विदेशी कंपनियों को रिटर्न भरते समय अपनी मूल कंपनी की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया गया है.

23/06/2019

GST Council: All multiplex movie tickets to go electronic now; end to coloured tickets era
Under the new guidelines, the registered multiplexes will now be required to issue electronic tax invoices, and the electronic tickets that are given to customers will be considered tax invoice.

GST Council extends annual return date from *30th June* to *31st July 2019*. One month extension.
21/06/2019

GST Council extends annual return date from *30th June* to *31st July 2019*. One month extension.

13/05/2019

क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा भी कानून है जो छोटे व्यापारी को 45 दिन में पेमेंट दिलाने में मदद करता है?

Register yourself under MSME Act and get Udyog Aadhar for your business.

It is mandatory for all Companies to pay to MSME registered vendors within 45 days of supply.

30/04/2019

Aadhar
PAN
Bank Account First Page
(Photo copy with signature)

Cancel Cheque
Electricity Bill
Photo
Rent Agreement / Consent Letter
(Original)

Email
Mobile
(Active)

Need for GST Registration

Address

Pirhi-babubarhi
Madhubani
847224

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Gst & IncomeTax Problems posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Gst & IncomeTax Problems:

Share