12/04/2020
ऐ उम्र, माना कि तू बड़ी
हस्ती है
जब चाहे मेरा बचपन छीन
सकती है..
पर गुरुर मत कर अपनी
हस्ती पर
मुझे भी नाज़ हैं अपनी
मस्ती पर,
गर है दम तो इतनी सी कर
ख़ता
बचपन तो छीन लिया, बचपना
छीन कर बता.👏👏. 😷😷