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30/10/2017
20/07/2016
17/07/2016

यूरिड मीडिया डेस्क - ऐसा बहुत बार देखा गया है की जब लोग अपने वाहन से बाहर घूमने, या अपने रोज़मर्रा के काम के लिए जाते हैं तो अपना लाइसेंस या कोई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट घर भूल जाते है और उसके बाद जब पुलिस उनसे डॉक्यूमेंट मांगते है तो उनके पास उस समय दिखाने के लिए वो डॉक्यूमेंट मौजूद नही होते हैं जिसकी वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है और और पुलिस उस वाहन पर चलान कर देती है ,तो ये कानून उन्ही के लिए बनाया गया है जिस से आप अपने डाक्यूमेंट्स बाद में वेरीफाई करवा सकते है और अपने वाहन के चालान को कैन्सल करा सकते हैं ।

कैसे होगा आपका वाहन चालान कैन्सल -

आर टी आई (R.T.I) के मुताबिक अब आप अपना चालान कैंसल करवा सकते है वो भी 15 दिनों के अन्दर अन्दर ।
अगर आप लाइसेंस या वाहन के कागजात नहीं ले जा रहे हैं, और आप चालान किए जा रहे हैं, तो ठीक तुरंत भुगतान न करे क्योकि आपके पास कानूनी 15 दिन होते है कागजात दिखाने के लिए ।
आपका चालान चालान की तारीख से 15 दिनों के भीतर कागजात दिखा कर रद्द हो सकता है।
ये जानकारी सूचना के अधिकार कानून के जरिए पता चली है।

ये डॉक्युमेंट्स होने ही चाहिए अपके पास--

ड्राइविंग करते वक्त आपके पास

ड्राइविंग लाइसेंस।
वीइकल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी।
वीइकल का इंश्योरेंस सर्टिफिकेट और वैलिड पल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट।
इनमें ड्राइविंग लाइलेंस और वैलिड पल्यूशन सर्टिफिकेट आपके पास ओरिजनल होने चाहिए।
जबकि आरसी और इंश्योरेंस सर्टिफिकेट की फोटो कॉपी भी अपने पास रख सकते हैं।

कौन-कौन कर सकता है फाइन--

100 रुपये से ज्यादा का फाइन है तो हेड कॉन्स्टेबल से ऊपर का ट्रैफिक ऑफिसर यानी एएसआई या एसआई ही कर सकता है।
हेड कॉन्स्टेबल को 100 रुपये तक का फाइन लेने का हक है।
कॉन्स्टेबल को फाइन करने का हक नहीं है। वे सिर्फ गाड़ी का नंबर नोट कर सकते हैं।
कोई ट्रैफिक वाला आपका चालान तभी काट सकता है, जब उसने वर्दी पहनी हुई हो।
उस पर नेमप्लेट लगाई हुई हो।
अगर उसने वर्दी नहीं पहनी है या नेम प्लेट नहीं लगाई है तो आप उसकी कार्रवाई का विरोध कर सकते हैं।

इन स्थितियों में गाड़ी को जब्त कर सकते हैं--

अगर कोई बिना वैलिड लाइसेंस के गाड़ी चला रहा है।
अगर कोई नाबालिग गाड़ी चला रहा है।
अगर वीइकल को बिना रजिस्ट्रेशन के चलाया जा रहा है
ट्रांसपोर्ट वीइकल को बिना वैलिड परमिट के चलाया जा रहा है।

14/06/2016

यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा ‘आप’ शब्द का ,उसके बाद ‘हम’ शब्द का और सबसे कम ‘मैं’ शब्द का उपयोग करना चाहिए.

01/06/2016

नोट:- पता नहीं इस पोस्ट को किसने लिखा है लेकिन सभी मित्रों से निवेदन है कि इसे पढ़ें अवश्य और संभव हो सके तो फॉरवर्ड भी करें

एक सज्जन से एक सवाल पूछा गया कि भारत में जनरल कैटेगरी वाला होने पर आपका क्या अनुभव है तो उन्होंने जो जबाब दिया, उसे पढ़िए........(हिंदी में अनुवाद)...................

प्रवेश परीक्षा:
मेरा स्कोर :192
उसका स्कोर :92
जी हाँ हम एक ही कॉलेज में पढ़े.....
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College Fees,
मेरी हर सेमिस्टर की फी 30200. (मेरे परिवार की आय 5 lacs से कम है..)
उसकी हर सेमिस्टर की फी 6600. (उसके माता और पिता दोनों अच्छा कमा रहे हैं......)
जी हाँ हम दोनों एक ही होस्टल में रहते थे...
_______________

Mess Fees,
मैंन 15000/- हर सेमिस्टर के देता था....
वो भी 15000 हर सेमिस्टर के देता था लेकिन सेमिस्टर के अंत में वो उसे रिफंड होते थे.....
जी हाँ हम एक ही मेस में खाते थे....
_________________

Pocket Money,
मेरा खर्चा 5000 था जो कि मैं ट्यूशन और थोड़ा बहुत अपने पिता से लेता था...
वो10000 खर्चा करता था जो कि उसे स्कॉलरशिप के मिलते थे...
जी हाँ हम एक साथ पार्टी करते थे....
___________

CAT 2015,
मेरा स्कोर : 99 percentile. (किसी IIM से एक मिसकॉल का इंतज़ार रहा.)
उसका स्कोर : 63 percentile. ( IIM Ahemedabad के लिए सलेक्ट हुआ)
जी हाँ ऐप्टीट्यूड और रीजनिंग उसे मैंने पढ़ाया था....
_______________

OIL Campus recruitement,
मैं : Rejected. (My OGPA 8.1)
वो : selected. (His OGPA 6.9)
जी हाँ हमने एक ही कोर्स पढ़ा था...
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GATE Score,
मेरा स्कोर : 39.66 (डिसक्वालीफाईड सो INR 1,68,000 की स्कॉलरशिप भी हाथ से गई )
उसका स्कोर : 26 (क्वालीफाईड और INR 1,68,000 के साथ-साथ अतिरिक्त स्कॉलरशिप भी)
जी हाँ हमने एक जैसे नोट्स शेयर किये थे...
______________

कौन हूँ मैं ????
मैं भारत में एक जनरल कैटेगरी का छात्र हूँ...
______________

दिमाग में बस कुछ सवाल हैं.....

क्या उसके पास चलने के लिए दो पैर नहीं हैं ??
क्या उसके पास लिखने या काम करने के लिए दो हाथ नहीं हैं ??
क्या उसके पास बोलने के लिए मुंह नहीं है ??
क्या उसके पास सोचने के लिए दिमाग नहीं है ??
अगर हैं तो फिर हम दोनों को एक जैसा ट्रीटमेंट क्यों नहीं मिलता ???

ये बात राजनितिक पार्टीयो के बजाय देश के सम्माननीय. न्यायालय के सभी महानुभावों तक पहुंचे
तब तक forward करे

ताकि देश आरक्षण की दीमक से बरबाद होने से बच जायें।

आप अगर सहमत है।तो शेयर जरूर करें।धन्यवाद।
31/05/2016

आप अगर सहमत है।तो शेयर जरूर करें।
धन्यवाद।

30/05/2016

उस शिक्षा का कोई मतलब नही है जो इंसानियत न सिखाती हो...

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