25/05/2012
वो कौन लोग हैं जो लोकपाल बिल पारित नहीं होने देना चाह रहे हैं?
दूषित मंत्रिमंडल: हमारे देश के मंत्रिमंडल में 34 में से 15 मंत्री ऐसे हैं जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप हैं। अगर जनलोकपाल होता तो इनमें से अधिकतर मंत्री जेल में होते। जिन लोगों को जेल में होना चाहिए वो आज इस देश की सत्ता चला रहे हैं। क्या ये 15 मंत्री कभी भी सख़्त जनलोकपाल बिल पारित होने देंगे? इन्हीं 15 मंत्रियों की वजह से आज एक आम आदमी को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
दूषित संसद: लोकसभा में 162 और राज्यसभा में 39 सांसद दागी हैं। इनमें से लोकसभा के 77 सांसदों और राज्यसभा के 14 सांसदों के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले जैसे हत्या, ठगी, अपहरण इत्यादि हैं। क्या ऐसे सांसद कभी भी सख़्त लोकपाल पारित करेगें जिसके आने से कई सांसद जेल चले जाएंगे? क्या कभी लालू, मायावती, मुलायम, राजा, कनिमोझी, कलमाड़ी इत्यादि जैसे लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ सख़्त कानून बनाएंगे?
गाँधी जी कहते थे- पाप से घृणा करो, पापी से नहीं। हमारा किसी भी व्यक्ति से कोई द्वेश नहीं है। हमारा संघर्ष संसद और सरकार के शुद्धिकरण के लिए है। जब तक देश के मंत्रिमंडल और संसद का शुद्धिकरण नहीं होगा, तब तक देश को भ्रष्टाचार, अन्याय और महंगाई से छुटकारा नहीं मिलेगा। संसद और मंत्रिमंडल में बैठे ऐसे अपराधी और भ्रष्ट लोग लोकपाल बिल के दुश्मन हैं। लोकपाल बिल लाने के लिए सबसे पहले इन्हें हटाना पड़ेगा।